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Friday, September 28, 2007

ताकि छेड़खानी करने वालों का मनोबल न टूटे

-दिलीप मंडल
उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस इलाके में लड़कियों के साथ छेड़खानी की। उन्होंने लड़कियो के साथ जबर्दस्ती की कोशिश की। लेकिन वो हमारी आपकी सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस में भर्ती होंगे। सरकार उनके साथ है। इसलिए आप चाहें या न चाहें, वो हमारी सुरक्षा करेंगे। वो हमारे लिए हमारे साथ सदैव रहना चाहते हैं।

डीयू की लड़कियां कितनी गैरवाजिब मांग उठा रही हैं। वो चाहती है कि छेड़खानी करने वाले लफंगे जिस बैच में शामिल हों, उस बैच को नौकरी पर न रखा जाए। वो चाहती है कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल उनकी मांग मान लें। जिस एनएसयूआई को डीयू ने खूबसूरत पोस्टर और संगठन का जलवा देखकर हाल ही मे जिताया है और जिसके नेताओं ने सोनिया गाधी के साथ तस्वीरे खिचाई थी, वो खामोशी साधे हुए है। डीयू स्टूडेंट यूनियन की प्रेसिडेट लड़की, दिल्ली की मुख्यमंत्री महिला, देश चलाने वाली एक महिला - और सभी कांग्रेसी, जिसका हाथ आम आदमी के साथ है, लेकिन डीयू की लड़कियों की एक मामूली सी और बिल्कुल सही मांग के समर्थन में कोई नही आ रहा है।


लेकिन इस मसले पर आप किस ओर खड़े है?

4 comments:

masijeevi said...

मुझे लगता है मांग इतनी भी नावाजिब नहीं है।

उस दिन पूरा कैंपस इन्‍हीं लोगों से भरा हुआ था, कम से कम 8-10000 रंगरूट तो थे ही। जिन लागों ने बदतमीजी की वे कुल मिलाकर 8-10 घटनाओं में 100 के लगभग रहे होंगे- पुलिस ने पहले तो FIR ही दर्ज नहीं की, बाद में हस्‍तक्षेप के बाद 2 मामलों में रपट दर्ज हुई।
सवाल है कि जब ये साथी अपनी मर्दानगी सिद्ध कर रहे थे तब वे और बाकी चुप क्‍यों थे। यहॉं तक कि बाद में ही कहॉं यं रंगरूट सामने आए हैं कि अपने साथियों की पहचान बताएं।
हमारे जो विद्यार्थी इस प्रकरण में संघर्ष कर रहे हैं उनका कहना है कि उस 'भीड़' का आचरण पूरी तरह दंगाइयों वाला था इसलिए पूरे बैच के नलीफिकेशन की मांग जायज है- पूरी जाहिर है इसलिए नहीं की जाएगी कि भर्ती के लिए ली जाने वाली 'राशि' पहले ही ले ली गई होगी और ऊपर तक पहुँच गई होगी। वरन लफंगई से उदारता का क्‍या मतलब है।

पुनीत ओमर said...

oh lagta hai meri tippadi EDIT ho gayi.

Ek ziddi dhun said...

badkismati se ye maan kar chala jaata hai ki ladkiyo.n se chhedkhani ki hi jani hai,,ya ki ve yahi chahti hai.n...Gil ke mamle mei.n adalat ne bhi kya kiya? chhedkhani ki saja jurmana kaise ho sakti hai...Phir bahaduro.n ko kaisi saja....

Ek ziddi dhun said...

bahaduro.n ko saja? are is se force ka manobal toot jayega..galat parampra bhi padegi, phir har boss, har chaudhry, har neta, har pita, yani ki har powerfull admi ko aap saja dene ki baat karenge..mard agar mardangi nahi dikhaye.nge to...are ye to court bhi janti hai, tabhi to Gil ko jail nahi, keval jurmane ki saja di..yani kisi aurat se chhedkhani karo, phir jurmana de do

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